उत्तरी कोरिया ने अमरीका के उस व्यवहार की प्रतिक्रिया में जिसे वह दुश्मनी कहता है, चौथे परमाणु परीक्षण करने की धमकी दी है।
गुरुवार को उत्तरी कोरिया के विदेश मंत्रालय ने प्यूंग यांग द्वारा मानवाधिकार के उल्लंघन पर संयुक्त राष्ट्र सघ में लाए गए हालिया प्रस्ताव की, बहुत भड़काउ क़दम कहते हुए भर्त्सना की है। उत्तरी कोरिया के विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि प्यूंग यांग वाशिंग्टन से निपटने के लिए अपनी युद्ध प्रतिरोधक क्षमता को असीमित स्तर पर मज़बूत करेगा क्योंकि वाशिंग्टन का व्यवहार हमें इस प्रकार के परमाणु परीक्षण करने पर मजबूर कर रहा है।
इसी प्रकार का बयान अभी हाल में संयुक्त राष्ट्र संघ और मानवाधिकार के विषय पर उत्तरी कोरिया के विदेश मंत्रालय के सलाहकार चो म्यूंग नैम ने संयुक्त राष्ट्र संघ में दिया था।
18 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र संघ की एक समिति ने एक प्रस्ताव में सुरक्षा परिषद से उत्तरी कोरिया की मानवाधिकार की स्थिति की समीक्षा की ज़िम्मेदारी अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के हवाले करने की मांग की है। यह पहली बार है जब उत्तरी कोरिया के नेता किम जोंग उन संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रस्ताव के तहत अंतर्राष्ट्रीय वकीलों के निशाने पर आ सकते हैं।
हालांकि इस प्रस्ताव का मसौदा योरोपीय संघ और जापान ने तय्यार किया था किन्तु प्यूंग यांग का कहना है कि इसके पीछे अमरीका का हाथ है।
पिछले महीने संयुक्त राष्ट्र संघ के उत्तरी कोरिया के दूत सो से प्यूंग ने अपने देश की परमाणु कार्यक्रम पर छह पक्षीय वार्ता शुरु करने की तय्यारी का संकेत दिया था। 20008 में इस वार्ता के रुकने तक रूस, चीन, जापान, अमरीका और दक्षिण कोरिया इसमें शामिल थे।
कोरिया गणराज्य ने 2006, 2009 और 2013 में परमाणु परीक्षण किया था। उसके बाद से इस देश पर परमाणु और मीज़ाईल परीक्षण के कारण संयुक्त राष्ट्र संघ की तरफ़ से पाबंदियां लगी हुयी हैं।
20 नवंबर 2014 - 20:24
समाचार कोड: 652724
उत्तरी कोरिया ने अमरीका के उस व्यवहार की प्रतिक्रिया में जिसे वह दुश्मनी कहता है, चौथे परमाणु परीक्षण करने की धमकी दी है।